बुधवार, 3 जनवरी 2018

एक तुम्हारा होना

एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है
बेजुबान छत‚ दीवारों को
घर कर देता है।

खाली शब्दों में
आता है
ऐसा अर्थ पिरोना
गीत वन गया-सा
लगता है   
घर का कोना-कोना
एक तुम्हारा होना
सपनों को स्वर देता है।

आरोहों अवरोहों से
समझाने
लगती हैं
तुमसे जुड़कर
चीजें भी
बतियाने लगती हैं
एक तुम्हारा होना
अपनापन भर देता है
एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है।

ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं

ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं
है अपनी ये तो रीत नहीं
है अपना ये व्यवहार नहीं

धरा ठिठुरती है सर्दी से
आकाश में कोहरा गहरा है
बाग़ बाज़ारों की सरहद पर
सर्द हवा का पहरा है

सूना है प्रकृति का आँगन
कुछ रंग नहीं , उमंग नहीं
हर कोई है घर में दुबका हुआ
नव वर्ष का ये कोई ढंग नहीं

चंद मास अभी इंतज़ार करो
निज मन में तनिक विचार करो
नये साल नया कुछ हो तो सही
क्यों नक़ल में सारी अक्ल बही

उल्लास मंद है जन -मन का
आयी है अभी बहार नहीं
ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं

ये धुंध कुहासा छंटने दो
रातों का राज्य सिमटने दो
प्रकृति का रूप निखरने दो
फागुन का रंग बिखरने दो

प्रकृति दुल्हन का रूप धार
जब स्नेह – सुधा बरसायेगी
शस्य – श्यामला धरती माता
घर -घर खुशहाली लायेगी

तब चैत्र शुक्ल की प्रथम तिथि
नव वर्ष मनाया जायेगा
आर्यावर्त की पुण्य भूमि पर
जय गान सुनाया जायेगा

युक्ति – प्रमाण से स्वयंसिद्ध
नव वर्ष हमारा हो प्रसिद्ध
आर्यों की कीर्ति सदा -सदा
नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

अनमोल विरासत के धनिकों को
चाहिये कोई उधार नहीं
ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं
है अपनी ये तो रीत नहीं
है अपना ये त्यौहार नहीं

मंगलवार, 8 अगस्त 2017

उठो धरा के अमर सपूतों

उठो, धरा के अमर सपूतों।
पुन: नया निर्माण करो।
जन-जन के जीवन में फिर से
नव स्फूर्ति, नव प्राण भरो।
नई प्रात है नई बात है
नया किरन है, ज्योति नई।
नई उमंगें, नई तरंगें
नई आस है, साँस नई।
युग-युग के मुरझे सुमनों में
नई-नई मुस्कान भरो।

उठो, धरा के अमर सपूतों।
पुन: नया निर्माण करो ।।1।।

डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ
नए स्वरों में गाते हैं।
गुन-गुन, गुन-गुन करते भौंरें
मस्त उधर मँडराते हैं।
नवयुग की नूतन वीणा में
नया राग, नव गान भरो।

उठो, धरा के अमर सपूतों।
पुन: नया निर्माण करो ।।2।।

कली-कली खिल रही इधर
वह फूल-फूल मुस्काया है।
धरती माँ की आज हो रही
नई सुनहरी काया है।
नूतन मंगलमय ध्वनियों से
गुँजित जग-उद्यान करो।

उठो, धरा के अमर सपूतों।
पुन: नया निर्माण करो ।।3।।

सरस्वती का पावन मंदिर
शुभ संपत्ति तुम्हारी है।
तुममें से हर बालक इसका
रक्षक और पुजारी है।
शत-शत दीपक जला ज्ञान के
नवयुग का आह्वान करो।

उठो, धरा के अमर सपूतों।
पुन: नया निर्माण करो ।।4।।

बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

नाम उसका राम होगा


English Translation

What is on other side of the sky?
What is on other side of inferno?
What is beyond horizon?
What is base on which the world is supported?

By lightening the lamps of star
Who daily makes Diwali?
Rotating Sun and Moon
Whom do they worship?

On whose feet does the Ocean
want to pour water and gain Nirvana?
Whose feet do the clouds
want to wash continuously?

Opening its dark eyes,
Early morning peaks from East
Donning Vermillion on its head,
Who does morning wait for?

In the sky, in the evening
Whose glory is sung?
In the singing of birds,
Whose sweet voice is reflected?

The Wind is fanning [whom],
Cuckoo is singing [for whom],
Who is to continuously
The World is moving towards?

If he were to materialize
That would be pride of Avadh
He shall reside in our hearts
and He shall be called Ram

गुरुवार, 29 दिसंबर 2016

सूर्य सा मत छोड़ जाना


English Translation
I will wait for you,
you shouldn't change direction

If you won't be there,
who will complete my words,
how will floods of emotion,
be captured in lines of poem?

In alphabet of sorrows,
please don't add anything more

I am distant, yet
I am closer to your heart
with hopes in my eyes,
I am poem and [season of] poetry too

By plucking the strings,
don't break my clarinet

I absorbed all the darkness
and lit myself like a lamp
In this crowded hard world
I melted like wax

In the evening, after the morning
don't abandon me like sun

पास हुए हम


English Translation
Hurrah! We passed [the exams]
Hurrah! All the sorrows have vanished

We worked hard every day
and crammed our brains
in parts and pieces
we learned everything
Hurrah! We dodn't stop learning

Like an tortoise, we crawled
slowly yet steadily
We didn't run like hare
and slept off on the way
Hurrah! Our progress didn't stop

Even thought of cheating
didn't cross our minds
Only focus was power of study
to gain successes
Hurrah! Our effort fructified
Hurrah! We passed

गुरुवार, 8 सितंबर 2016

पवित्र मन रखो

पवित्र मन रखो, पवित्र तन रखो

पवित्र मन रखो, पवित्र तन रखो
पवित्रता मनुष्यता की शान है
जो मन वचन कर्म से पवित्र है
वो चरित्रवान ही यहाँ महान है ।।२।।

बड़ा ही मूल्यवान है तुम्हारा ये जनम, तुम्हारा ये जनम ।।२।।
जगत की कर्म भूमी में करो भले करम, करो भले करम
अच्छे रखो विचार, उत्तम करो व्यवहार ।।२।।
आदर्श व्यक्ति की ये पहचान है
जो मन वचन कर्म से पवित्र है
वो चरित्रवान ही यहाँ महान है

पवित्र मन ... महान है

तुम अपनी आँख में अमृत रखो विमल विमल, सदा विमल विमल ।।२।।
तुम्हारी वाणी में मधुर्य हो सरल सरल, सदा सरल सरल
तुम होके निर्विकार, सबका करो सत्कार ।।२।।
ये जन्म तुम्हारा इम्तिहान है
जो मन वचन कर्म से पवित्र है
वो चरित्रवान ही यहाँ महान है

पवित्र मन ... महान है
पवित्र मन रखोऽऽ ।।६।।



English Translation

Keep your heart pure, keep your body pure

Keep your heart pure, keep your body pure
Purity is pride of humanity
Whoever is pure in his heart, words, and deeds
That person has true character and attains glory

Your life is very valuable, very valuable
Do good deeds in arena of life, do good deeds
Have good thoughts, Show good behaviour
That is sign of model human
Whoever is pure in his heart, words, and deeds
That person has true character and attains glory

Keep your heart pure ... attains glory

Keep kindness in your eyes, keep kindness
Keep gentleness in your  voice, keep gentleness
Without any ill-feeling, you serve everyone
This life is test [of your character]
Whoever is pure in his heart, words, and deeds
That person has true character and attains glory

Keep your heart pure ... attains glory
Keep your heart pure